योजनाएं

वृक्षमित्र योजना

पेड़ लगाना पुण्य है — और पेड़ की देखभाल करना उससे भी बड़ा पुण्य।

एक ऐसी योजना जो पर्यावरण सेवा को आजीविका से जोड़ती है।

अवधारणा

आउटसोर्सिंग — एक नया दृष्टिकोण

जब हम कोई काम स्वयं न करके किसी का सहयोग लेते हैं, तो इसे आउटसोर्सिंग कहते हैं। कार स्वयं न चलाकर ड्राइवर रखते हैं, बच्चे को पढ़ाने के लिए ट्यूटर — यह सब आउटसोर्सिंग के उदाहरण हैं।

इसी प्रकार — पेड़ लगाने और 3 वर्ष तक उसकी सुरक्षा व देखभाल के लिए यदि हम किसी स्थानीय युवक को जिम्मेदारी दे सकते हैं, तो एक साथ दो काम होंगे: प्रकृति की सेवा, और उस युवक की आय में वृद्धि।

आप एक निर्धन छात्र की पढ़ाई में मदद करना चाहते हैं। आप सीधे ₹250 प्रतिमास छात्रवृत्ति दे सकते हैं — या उसे 10 पौधों की देखभाल सौंपिए और कहिए: “इनकी देखभाल के लिए तुम्हें ₹25 प्रति पौधा, प्रतिमाह मिलेगा।”

दूसरे तरीके में हम उस छात्र की मदद भी कर रहे हैं — और उसे आय का एक सरल, सम्मानजनक तरीका भी सिखा रहे हैं।

ज़मीन पर प्रगति

हमारी पहली वृक्षमित्र साझेदारी

योजना अब केवल कागज़ पर नहीं — ब्रज की पवित्र धरती पर शुरू हो चुकी है। हमारे पहले वृक्षमित्र के साथ यह यात्रा आरंभ हो गई है।

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माताजी गोशाला, बरसाना

बरसाना, मथुरा
पहला वृक्षमित्र · वृक्षमित्र

श्री राधा रानी की पावन नगरी बरसाना में स्थित माताजी गोशाला हमारी पहली वृक्षमित्र बनी है। गोशाला की सेवा-भावना और पवित्र भूमि के प्रति अपनत्व इसे वृक्षों की देखभाल के लिए आदर्श स्थान बनाते हैं — जहाँ गौ-सेवा और वृक्ष-सेवा एक साथ चलती हैं।

  • बरसाना की पवित्र भूमि पर योजना का पहला ज़मीनी क्रियान्वयन
  • गौ-सेवा और वृक्ष-सेवा का अनूठा संगम
  • हर पेड़ की देखभाल की जिम्मेदारी और जवाबदेही गोशाला के साथ
  • आने वाले महीनों में पेड़ों की वृद्धि की तस्वीरें और रिपोर्ट यहाँ दर्ज होंगी

यह तो शुरुआत है। बरसाना से आरंभ हुई यह हरियाली पूरे ब्रज में फैलेगी।

यह कैसे काम करता है

योजना में तीन भूमिकाएँ

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वृक्ष प्रायोजक

Tree Sponsor

वे लोग जो पेड़ लगवाना चाहते हैं लेकिन स्वयं नहीं कर सकते।

  • एक या अधिक पेड़ों को प्रायोजित करें।
  • 3 वर्ष के लिए एक पेड़ की देखभाल का शुल्क: ₹2,500 (एकमुश्त या किश्तों में)।
  • प्रत्येक प्रायोजित पेड़ का डिजिटल मानचित्र पर नाम, फोटो और स्थान दर्ज होगा।
  • 30, 90 और 180 दिन पर पेड़ की स्वास्थ्य रिपोर्ट मिलेगी।

कौन बन सकते हैं? कोई भी व्यक्ति, परिवार, कंपनी (CSR), NGO, या धार्मिक संस्था।

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वृक्षमित्र

Ground Worker

वे युवा जो पेड़ लगाते हैं और 3 साल तक उनकी देखभाल करते हैं।

  • निर्धारित स्थान पर पौधा लगाना।
  • नियमित पानी देना, खाद-पोषण।
  • पौधे के नाम और उसके लाभ की जानकारी रखना।
  • हर महीने ऐप पर फोटो और स्थिति अपडेट करना।
  • 30, 90, 180 दिन पर जीवन-प्रमाण फोटो अपलोड करना।

पौधों की देखभाल केवल पानी देने तक सीमित नहीं — यह गार्डनिंग और एग्रो-फॉरेस्ट्री में कौशल विकास का अवसर है, जो शौक और व्यवसाय दोनों बन सकता है।

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संयोजक

Coordinator · Startup

वे युवा उद्यमी जो एक इलाके में वृक्षमित्रों की टीम का प्रबंधन करते हैं।

  • प्रायोजकों और वृक्षमित्रों को जोड़ना।
  • प्रत्येक पेड़ का GPS लोकेशन, फोटो और रिकॉर्ड रखना।
  • वृक्षमित्रों का मासिक भुगतान सुनिश्चित करना।
  • जमीन मालिकों (भूमि सहयोगियों) से समन्वय।
  • स्थानीय दरों का निर्धारण करना।

एक अच्छे संयोजक के लिए यह एक पूर्णकालिक स्टार्टअप व्यवसाय बन सकता है।

आय

वृक्षमित्र की कमाई

स्थितिमासिक आय (प्रति पेड़)
छात्र / एकल गमला₹25
एक स्थान पर अनेक पेड़₹50
दूर-दूर के इलाके₹75

100–150 पौधों की देखभाल से प्रतिमाह ₹5,000–₹7,500 या अधिक। 3 वर्ष में कुल आय (100 पेड़ @ ₹50/माह): ₹1,80,000।

संयोजक की आय
मासिक आय₹10 प्रति पेड़
100 पेड़ पर मासिक आय₹1,000
3 वर्ष में कुल आय (100 पेड़)₹36,000
500 पेड़ की जिम्मेदारी₹5,000/माह → ₹1,80,000
प्रति पेड़ बजट

एक पेड़ के लिए 3 वर्ष का बजट — ₹2,500

मदराशि
वृक्षमित्र (ग्राउंड वर्कर) ₹50/माह × 36 माह₹1,800
ट्री-गार्ड, गमला, खाद, और पौधा₹340
संयोजक का पारिश्रमिक ₹10/माह × 36 माह₹360
कुल योग₹2,500

नोट: ग्राउंड वर्कर की दर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार संयोजक द्वारा निर्धारित की जाती है — यह इस प्रकार तय हो कि ग्राउंड वर्कर को काम के प्रति आकर्षण बना रहे।

यह क्यों काम करता है

सरकारी वृक्षारोपण की सबसे बड़ी समस्या का समाधान

पेड़ लगाने के बाद देखभाल के लिए न बजट, न जिम्मेदारी। ठेकेदार चले जाते हैं, पौधे सूख जाते हैं। वृक्षमित्र योजना में यह समस्या नहीं है — क्योंकि:

  • वृक्षमित्र की आय पेड़ के जीवित रहने से जुड़ी है — पेड़ सूखेगा तो आय बंद।
  • यह ठेकेदारी नहीं, अपनत्व है — जो ठेकेदारी में संभव नहीं।
  • हर पेड़ GPS-टैग है और ऐप पर जीवित दिखता है — पारदर्शिता पूरी है।
  • पुणे की संस्था 14trees.org ने इसी मॉडल से 95% पौधों को जीवित रखने का रिकॉर्ड बनाया है।
राष्ट्रीय संदर्भ

एक पेड़ माँ के नाम

यह योजना “एक पेड़ माँ के नाम” राष्ट्रीय अभियान से भी जुड़ती है। जिनके पास स्वयं पेड़ लगाने की सुविधा न हो, वे यह सेवा वृक्षमित्र योजना के माध्यम से आउटसोर्स कर सकते हैं। उनकी माँ के नाम पर लगाया गया पेड़, ब्रज की पवित्र भूमि पर, एक वृक्षमित्र की देखभाल में — श्रद्धा और प्रकृति का अनूठा संगम।

मैंने 80 पौधे लगाए हैं। हर महीने ₹4,000 मिलते हैं और यह मेरा अपना काम है।
— वृक्षमित्र, मथुरा
पात्रता

कौन आवेदन कर सकता है?

वृक्षमित्र

  • आप ब्रज क्षेत्र (मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगाँव और आसपास) के निवासी हैं।
  • आपकी आयु 16 वर्ष से अधिक है।
  • आप नियमित देखभाल और मासिक फोटो रिपोर्ट देने में सक्षम हैं।

संयोजक

  • आप 18 वर्ष से अधिक हैं।
  • आपके पास स्थानीय नेटवर्क और प्रबंधन की इच्छा है।
  • आप एक छोटी टीम चलाने में रुचि रखते हैं।

भूमि सहयोगी

  • आपके पास ब्रज क्षेत्र में भूमि है।
  • आप उसका एक हिस्सा वृक्षारोपण के लिए देना चाहते हैं।

आज ही जुड़ें — ब्रज की हरियाली में अपना हिस्सा लें।

पंजीकरण के बाद मोबाइल OTP से सत्यापन होगा। वृक्षमित्र और संयोजक को स्वीकृति 48 घंटे में मिलेगी।